व्यक्तित्व गठन क्यों करें

व्यक्तित्व गठन क्यों करें

व्यक्तित्व गठन क्यों करें

बात चाहे धन की हो या खुशियों की, आप अपने व्यक्तित्व से अधिक नहीं कमा सकते

आपका व्यक्तित्व ही वह चीज है जिसके जरिए आप अपना महत्व बढ़ा भी सकते हैं और घटा भी सकते हैं । अगर आपका व्यक्तित्व प्रभावशाली है तो आपका महत्व बढ़ेगा । वहीं अगर आपका व्यक्तित्व प्रभावशाली नहीं है तो आप का महत्व घटेगा । व्यक्ति के समूचे विशेषताओं को लेकर बनता है उसका व्यक्तित्व । और आपका व्यक्तित्व ही आपके जीवन के सफल और असफल होने के लिए जिम्मेदार है । चलिए आज विस्तार से समझते हैं कि व्यक्तित्व गठन क्यों करें

अपने व्यक्तित्व का गठन करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि व्यक्तित्व ही यह निर्णय करेगा कि आपको जीवन में क्या मिलेगा और कितना मिलेगा । आप सफल व्यक्तियों को देखिए उनका व्यक्तित्व कितना प्रभावशाली होता है ।

वह सफल हैं इसलिए उनका व्यक्तित्व प्रभावशाली नहीं है, बल्कि उनका व्यक्तित्व प्रभावशाली है इसलिए वह सफल है ।

जी हां !

व्यक्तित्व ही सफलता का आधार है । फिर चाहे वह सफलता पारिवारिक हो, रिश्तो मे हो, धन अर्जित करने में हो, प्रेम संबंध में हो, वैवाहिक जीवन में हो या फिर व्यापार में हो ।

व्यक्तित्व गठन क्यों करें

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क्यों ना एक उदाहरण लिया जाए इस बात को समझने के लिए की व्यक्तित्व गठन क्यों करें

मान लीजिए एक समारोह चल रहा है, जिसमें सभी के सभी अनजान लोग हैं । वहां एक व्यक्ति है जिसने अच्छे कपड़े और जूते पहने हैं । जो देखने में भी ठीक-ठाक है । उसके हाव-भाव की भाषा भी अच्छी है और उसके बातचीत करने का तरीका भी बहुत आकर्षक है । वह सकारात्मक बातें कर रहा है और उसमें आत्मविश्वास भी छलक रहा है । वह बातें भी खास विषयों पर कर रहा है । तो क्या वह व्यक्ति आपके लिए सबसे प्रभावशाली होगा ?

अवश्य ही आप उस व्यक्ति को सबसे प्रभावशाली मानेंगे । क्योंकि यह सारी चीजें मिलकर उसका व्यक्तित्व बनाती हैं ।

इंसान का व्यक्तित्व दो प्रकार का होता है । पहला बाह्य व्यक्तित्व और दूसरा अंतर्निहित व्यक्तित्व

बाह्य व्यक्तित्व

बाह्य व्यक्तित्व अर्थात आपका बाहरी व्यक्तित्व । वास्तव में लोग इसी के जरिए आप का आकलन करते हैं । साधारण लोग इसी को आपका व्यक्तित्व मान लेते हैं । और तो और इसी से आपका औकात नापा जाता है ।

अंतर्निहित व्यक्तित्व

अंतर्निहित व्यक्तित्व आपका अंदरूनी व्यक्तित्व है । वास्तव में आपका असली व्यक्तित्व यही है । आप जीवन में कितने सफल होंगे, कितने सुखी होंगे इसका निर्णय इसी से होता है । यही व्यक्तित्व आपके जीवन का गठन करता है । आप अंदर से अर्थात मानसिक स्तर पर मजबूत हैं या कमजोर यह अंतर्निहित व्यक्तित्व से ही निर्धारित होता है ।

बाह्य व्यक्तित्व क्यों गठन करें

व्यक्तित्व गठन क्यों करें

बाह्य व्यक्तित्व असली भी हो सकता है और नकली भी । जैसा कि चलचित्र(movies) में होता है । चलचित्र में दिखाए गए किसी कलाकार का व्यक्तित्व हमें कितना असली लगता है । परंतु वास्तव में हो सकता है वह व्यक्ति वैसा हो या ना हो । कई बार हम उनके इस काल्पनिक व्यक्तित्व से बहुत प्रभावित भी होते हैं ।

अभी आप सबको दिखाते फिरें कि आप बहुत गुस्से वाले हैं, तो कुछ दिनों बाद सभी यह मान लेंगे कि आप बहुत गुस्से वाले हैं और यही आपका व्यक्तित्व है । उसी तरह अगर आप कम पढ़े लिखे हैं, तो अच्छे से अंग्रेजी बोलना सीख लीजिए और लोग मान लेंगे कि आप बहुत पढ़े-लिखे हैं । आपके पास धन हो लेकिन आप फटे पुराने कपड़े पहनिए और गरीबों की तरह रहिए तो लोग मान लेंगे कि आप गरीब हैं ।

एक बुरा इंसान भी अगर अच्छे और प्रभावशाली व्यक्तित्व का प्रदर्शन करता है तो लोग उसे अच्छा मान लेते हैं ।

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तो आपने देखा बाहरी व्यक्तित्व कितना शक्तिशाली है और इसे क्यों गठन करना चाहिए । यह वास्तविक हो ना हो पर लोगों को प्रभावित करने में बहुत ही कारगर है । चतुर लोग इसी का इस्तेमाल करके इस दुनिया को नियंत्रण करते हैं ।

खैर दुनिया की तो छोड़िए । इसका इस्तेमाल करके आप अपने भाग्य को जरूर नियंत्रण कर सकते हैं ।

आम लोगों के लिए जो आंखों के सामने दिखता है वही सच है

तो इसका सीधा सा अर्थ यह है कि अगर आप लोगों को अच्छे व्यक्तित्व का प्रदर्शन नहीं करेंगे तो वह आपसे प्रभावित नहीं होंगे । और अच्छे व्यक्तित्व का प्रदर्शन करने के लिए सबसे पहले एक अच्छे व्यक्तित्व का गठन करना होग । पर बात यहीं नहीं खत्म हो जाती । आपको अपने व्यक्तित्व को निरंतर बेहतर बनाना भी पड़ेगा, वरना प्रगतिशील और बदलती दुनिया में आपके व्यक्तित्व का प्रभाव धीरे-धीरे कम होता जाएगा ।

याद रखिए रुका हुआ जल जितना भी स्वच्छ हो ,उसकी स्वच्छता समय के साथ कम होती जाती है ।

अंतर्निहित व्यक्तित्व का गठन क्यों करें

अंतर्निहित व्यक्तित्व का गठन क्यों करें

अंतर्निहित व्यक्तित्व आपका अंदरूनी व्यक्तित्व है । अर्थात वास्तव में अंदर से आप किस प्रकार के व्यक्ति हैं ।

अंतर्निहित व्यक्तित्व ही आपके सुख, आपकी खुशी, आपके मन की शांति और जीवन में वास्तविक सफलता के लिए उत्तरदाई है ।

अगर आपका अंतर्निहित व्यक्तित्व बेहतर है तो आप आत्मविश्वास से भरपूर होंगे । आप बोलने से ज्यादा सुनना पसंद करेंगे । डींगे नहीं हांपेंगे आप । आप में आत्म बल होगा । आप क्षमा मांगने से घबराएंगे नहीं, क्योंकि क्षमा मांगने के लिए बहुत आत्म बल की जरूरत होती है । आप में आत्म सम्मान होगा । आप सहनशील होंगे, आप में धैर्य होगा । आप वास्तव में एक विजेता होंगे ।

सकारात्मक अंतर्निहित व्यक्तित्व वाले सफल और सुखी होते हैं । वही नकारात्मक अंतर्निहित व्यक्तित्व बाले बाहर से जितना भी दिखालें पर अंदर से असफल और दुखी होते हैं । बिना बुद्धि और ज्ञान का विकास किए अंतर्निहित व्यक्तित्व को गठन करना संभव नहीं । सामान्य रूप से सकारात्मक व्यक्तित्व वाले लोग किसी से बहस करते नहीं मिलेंगे । क्योंकि वह सबसे पहले अपनी गलती देखना पसंद करते हैं और उन्हें पता होता है कि बहस करना एक तरह से मूर्खता ही है ।

अगर लोग आपके व्यक्तित्व से प्रभावित हुए तो आपको लाभ क्या होगा ?

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अगर लोग आपके व्यक्तित्व से प्रभावित हुए तो आपको निम्नलिखित लाभ होगा :-

सम्मान

अगर लोग आपके व्यक्तित्व से प्रभावित हुए तो वह आपका भरपूर सम्मान करेंगे । समाज में आपका औदा बाकियों से ऊंचा रहेगा । लोग आपसे अच्छी तरह से बात भी करेंगे । साधारण रूप से कोई आसानी से आप से बहस नहीं करेगा और आपके दिए गए मत को भी गंभीरता से लिया जाएगा । हर जगह आपका आदर सत्कार होगा । ऐसा सम्मान भला किसे नहीं चाहिए । इसीलिए आपको एक प्रभावशाली व्यक्तित्व बनाना चाहिए ।

महत्त्व

दूसरा लाभ यह है कि लोग आपको बाकियों से ज्यादा महत्व देने लगेंगे । चाहे कोई समारोह हो या दोस्तों के बीच या रिश्तेदारों के बीच, आप देखेंगे कि आप का महत्व बाकियों से ज्यादा है । याद रखिए लोग दिमाग का कम इस्तेमाल करते हैं और आंखों का ज्यादा । इसीलिए जब कोई प्रभावशाली व्यक्तित्व के साथ आता है तो लोग यह भूल जाते हैं कि वह सही है या गलत और उससे प्रभावित हो जाते हैं । चलचित्र में कलाकारों द्वारा प्रदर्शित किया गया व्यक्तित्व इसका प्रमुख उदाहरण है । लोग कई बार नकारात्मक व्यक्तित्व वाले लोगों से भी प्रभावित होते हैं क्योंकि उनका व्यक्तित्व बहुत ही प्रभावशाली होता है ।

अगर आप दूसरों के बीच महत्वपूर्ण बनना चाहते हैं तो आपको एक प्रभावशाली व्यक्तित्व बनाना पड़ेगा और उसका प्रदर्शन भी करना पड़ेगा ।

व्यक्तित्व गठन क्यों करें

विश्वास

जो व्यक्ति ज्यादा प्रभावशाली होते हैं उन पर लोग ज्यादा विश्वास भी करते हैं । उनके कहे गए बातों पर, लेनदेन पर, उनके विचारों पर लोग ज्यादा विश्वास करते हैं । जब कोई आप पर विश्वास करने लगे तो आपको जीवन के हर क्षेत्र पर बहुत ज्यादा लाभ होता है । एक तरह से आप कह सकते हैं कि आपका भाग्य परिवर्तन हो जाता है । आपके लिए चीजें आसान हो जाती हैं ।

सहयोग

प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले लोगों को दूसरों का सहयोग भी ज्यादा मिलता है वह भी सरलता से । समाज में सफलतापूर्वक जीवन यापन करने के लिए दूसरों का सहयोग बहुत ही जरूरी है ।

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लाभ पर लाभ

जब समाज में आपको यह सब कुछ मिलता है तो उसका सीधा प्रभाव आपके अंतर्निहित व्यक्तित्व  पर पड़ता है । अंतर्निहित व्यक्तित्व जैसे कि –

आत्मविश्वास

जब बाहरी दुनिया में आपको यह सब कुछ मिलता है तो निसंदेह आपका आत्मविश्वास बढ़ता है । आत्मविश्वास अपने आप में किसी चमत्कार से कम नहीं । अगर आपमें आत्मविश्वास है तो कठिन से कठिन काम भी सहज लगने लगता है । आत्मविश्वास के कारण आप जीवन में असाधारण सफलता पा लेते हैं ।

आत्मसम्मान

जब बाहरी दुनिया में आपका व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है तो आप का खुद के लिए आत्म सम्मान भी बढ़ने लगता है । आप खुद को और ज्यादा प्यार और इज्जत करने लगते हो । आत्मसम्मान के बगैर कोई भी इस दुनिया में सुखी और सफल नहीं हो सकता । आत्मसम्मान से ही अंतर्निहित व्यक्तित्व विकसित होता है । सकारात्मक अंतर्निहित व्यक्तित्व विकसित हो जाए तो आप दुनिया के श्रेष्ठतम लोगों में आ जाते हैं । यह सब एक चक्र की तरह है जो एक दूसरे से जुड़ा हुआ है ।

उत्साह

जीवन में कोई भी कार्य सफलतापूर्वक करने के लिए उत्साह की बहुत ज्यादा जरूरत है । उत्साह के बगैर अगर आपने किसी कार्य में सफलता पा भी लिया तो उसे उपभोग नहीं कर पाएंगे । उसका आनंद नहीं उठा पाएंगे । और प्रभावशाली व्यक्तित्व के कारण जो बाहरी दुनिया में आपको मिलता है वह आपका अंदरूनी उत्साह को बढ़ाता है । उत्साह एक औजार की तरह है जो आपकी शक्ति को दुगना कर देता है । आप वहां भी सफलता पा लेते हैं जहां चीजें आपके विरुद्ध हो ।

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प्रसन्नता

अगर जीवन में किए गए परिश्रम की पारिश्रमिक ना मिले तो आंतरिक व्यक्तित्व धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है । प्रसन्नता जीवन जीने का पारिश्रमिक है । ऊपर वर्णित चीजें अगर आपको जीवन में निरंतर मिलती रहें तो आप की प्रसन्नता बनी रहती है । इससे जीवन के प्रति आपका आदर और प्रेम बढ़ता है । फिर आप खुद के और दूसरों के भलाई के लिए अनायास ही काम करने लगते हैं ।

यह सब संभव होता है जब आप एक प्रभावशाली व्यक्तित्व बनाते हैं

निष्कर्ष

अगर आपने एक प्रभावशाली व्यक्तित्व ही नहीं बनाया तो लोग आपको कोई विशेष सम्मान नहीं देंगे । समाज और दोस्तों में आप का महत्व भी कोई खास नहीं होगा । हो सकता है कोई आप पर विश्वास भी ना करे और आपकी बातों को भी कोई ज्यादा गंभीरता से नहीं लेगा ।

जाहिर सी बात है इन सब से कई स्थलों पर आपको निराशा मिलेगी । आप प्रसन्न नहीं रह पाएंगे और इसका सीधा प्रभाव आपके आत्म सम्मान पर पड़ेगा । अंततः आपका आत्मविश्वास कमजोर पड़ेगा । जिस कारण आप एक असफल जीवन जीने पर बिबस हो जाएंगे ।

इसीलिए आपको एक प्रभावशाली व्यक्तित्व बनाना अत्यंत आवश्यक है । तो आशा है अब आप समझ चुके होंगे कि व्यक्तित्व का गठन क्यों करें । अगर आपके मन में कोई संदेह है तो आप हमें संपर्क कर सकते हैं । अपने विचार नीचे कमेंट सेक्शन में हमसे साझा करें ।

 

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